कविता-दुआ है मेरी तुझे मोहब्बत मिलेगी तेरी। मेरी हर कोशिश नाकाम हो गयी प्यार उसका पाने के लिये, किसी ने कोशिश ना कि मुझे उस से मिलाने के लिये, मै रूक गया मगर दिल ना माना आवाज आई मन से तुझे प्यार के रास्ते है जाना, मन ने जगाई उमंग दिल ने किया फैसला जाऊं इश्क के रास्ते पर बांधे अपना होसला, हर कोई खडा था सामने मुझे सताने के लिये अब तैय्यार था मै राहे इश्क पर जाने के लिये, चल पडा अंधेरे मे उसे पाने के लिये चांद ने चांदनी से कहा रास्ता दिखाने के लिये, अंधेरा मुझे रोकने के लिये बार-बार मचलत, चांद हाथो मे रोशनी लिये आगे-आगे चलता, पिछे छूटा अंधेरा तेज धूप सिर पर आई मुझे सताने की बारी अब सूरज की आई, प्यास मोहब्बत की मेरे चेहरे पे देख सूरज को तरस आया छुप गया वो बादलो मे समंदर को संदेश पहुंचाया, बोला समंदर प्यास मै तेरी बुझा नही सकता मजबूर हूं मै तुझे उस से मिला नही सकता, बस दुआ है मेरी तुझे मोहब्बत मिलेगी तेरी, शाम ढल गयी पर निशान ना उसका मिल पाया मुझे थका-हारा देखकर रात ने अपने पहलू मे सुलाया, सपने मे वो मुझे पुकारती नजर आई सुबह उठा तो इंसानो की बस्ती नजर आई, माजरा मेरी हालत का इंसान क...
बेजान जिस्म कि रुह कहां है दरिया का पानी आंखो से बहा है कोई खेल कर तोडे दिल को इससे पहले पत्थर मार कर तोड दो दिल को ना जाने किसने कहा है आखिर इस दिल को ये हुआ क्या है Shayari,Mohabbat Shayari,Breakup Shayari Love Shayari, sad Shayari
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