Mohhabat Shayari अकेले इंसान को मोहब्बत का सहारा जैसे डूबते को मिले किनारा, ' बरसती मोहब्बत जैसै घटा घन-घोर,आवाज मोहब्बत की पानी का शोर, 'आसमान की ऊंचाई मोहब्बत मे समाई,समंदर की गहराई मोहब्बत ने पाई, ' दिल ही ज़ेवर दिल ही चोर रिश्ता मोहब्बत का इंसान से जैसे पतंग और डोर, 'महकती मोहब्बत जहान मे ऐसे महक फूलो की फैली हो जैसे।। Latest Hindi Shayari,Best Hindi Shayari,Mohabbat Shayari,Breakup Shayari Love Shayari, sad Shayari,Love Poem