जो खिला है वो फूल तो सूखेगा जरूर
सूखने को कैसे रोकोगे।।
जो जन-मा है वो मरेगा ऐक दिन मरने से कैसे रोकोगे।
इसके बावजूद लोग रोते है मरने के नाम पर।।
जबकि मरना सबको है ऐक दिन।।
जिदंगी और मौत की philosophy पर कविता बनाना आसान है। किसी के Future को पढ लेना भी कोई इतना मुशकिल काम नही।।
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